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Ganesh gorakhpuri shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ganesh gorakhpuri's shayari and don't forget to save your favorite ones.
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जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया
जिसको भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ दोबारा करे
दीया जलाकर छोड़ते अक्सर ज़माने में सभी
अब कौन जुगनू पूछता है रौशनी के बाद भी
पोशीदा के जैसे सपने झाँक रहे थे मिरे सभी
शायद मिरे पिता आज भी पुराना कपड़ा पहने हैं
गुलाब सूख गए हैं किताब में सारे
नज़र छिपा के गए हैं नक़ाब में सारे
हमें लगा कि सभी लोग शांत हैं बैठे
मिले ज़हीर-ए-साकी शराब में सारे
सब राजा और साथ में सारे इक्के भी थें शामिल
ये ज़िंदगी किसी जोकर से कभी नहीं जीती मैंने
दोनों लोगो के दरमियान कुछ था फिर भी हम चुप थे
कुछ बादशाह हैं दुनियां में जो बदनसीब होते हैं
हटाया जा चुका था हुस्न से पर्दा किसी के लिए
निगाहें फेर ली जाती किसी के अब गुजरने से
बहुत दिनों से था इक रिश्ता
मैं तोड़ कर उसे आया हूँ
चराग़ देने वालो समझो
मैं चाँद छोड़ के आया हूं
जो पीर मरहम को लगाता ज़ख़्म पर मारा गया
जिसको भरोसा है ख़ुदा पर इश्क़ को जारी रखे
दीपक जलाकर हम मनाएँगे दिवाली की ख़ुशी
मुझको बहाना चाहिए बस छत पे जाने के लिए
दीया जलाकर छोड़ते अक्सर ज़माने में सभी
अब कौन जुगनू पूछता है रौशनी के बाद भी
तरकीब क्या खोजी सभी ने पाप धोने के लिए
लाखों किए हैं पाप पर गंगा नहाना चाहिए
चाँद को भी देखना है चाँद की तौहीन है ये
एक ही है चाँद किस किस को नज़र आता फिरेगा
फ़ासला महसूस होने जब लगे तो याद रखना
हम ज़ियादा वक़्त लेते भी नहीं हैं फ़ैसले में
मैने सुना है आज इक अच्छी ख़बर ए ज़िंदगी
शादी में जाना है किसी के फिर बधाई के लिए
हमारे बाद भी ये काफ़िला होगा नया बिल्कुल
सितारा टूटने से आसमाँ ख़ाली नहीं होता