तेरे हाथों में कंगन बना झूम लूँतेरी नज़रों में सारा जहाँ घूम लूँप्रेम में तेरे अधरों को क्या चूमनातेरे मेहँदी लगे कर कमल चूम लूँ— Yogendra Singh Raghuwanshi