किसी ग़ैर घर में ठिकाना ग़लत है
लगाकर ये दिल उस से जाना ग़लत है
ग़लत हूँ अगर तो ख़ुदा साँप वाला
हाँ ऐसा ख़ज़ाना दिखाना ग़लत है
नहीं था वो मेरा तो फिर क्यूँ मिलाया
ख़ुदा तेरा ऐसे मिलाना ग़लत है
मुझे बद-दु'आ दी कि अच्छी मिलेगी
हाँ मुर्दे को पानी पिलाना ग़लत है
कहा उस ने तुम ऐसा मत करना 'सौरभ'
बिना साँस अब मर भी जाना ग़लत है
— 100rav















