कभी पूछना मत किसे चाहते हैं
पता है तुझे हम तुझे चाहते हैं
बुराई जो करते हैं उसकी हाँ मुझ सेे
ख़बर है ये भी बस उसे चाहते हैं
न मुझ सेे तू मिलना हाँ घर पे ही रहना
नहीं तेरे आशिक़ नये चाहते हैं
हाँ जाना है जा जीने की वज्ह तो दे
कभी तुझ सेे लगना गले चाहते हैं
ख़ुदा मौत देना तू उसके ही जाते
ये यादें न उसको चुभे चाहते हैं
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