"दास्तान-ए-इश्क़"
दुनिया ने टाँग दी है तस्वीर-ए-इश्क़ खुल कर
ताले सी जड़ रहेगी दरिया किनारे रुल कर
गो फेंक दी ख़ला में सब चाबियाँ हैं इस की
लेकिन मिसाल दुनिया ही देगी शोर-ग़ुल कर
— kapil verma
दुनिया ने टाँग दी है तस्वीर-ए-इश्क़ खुल कर
ताले सी जड़ रहेगी दरिया किनारे रुल कर
गो फेंक दी ख़ला में सब चाबियाँ हैं इस की
लेकिन मिसाल दुनिया ही देगी शोर-ग़ुल कर
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