आतिशीं नज़रों से क्यूँँ देख डराओ उसको
बेवफ़ा कह के न इल्ज़ाम लगाओ उसको
उसने छोड़ा है जो कुछ तो कमी मुझ
में होगी
अपनी नफ़रत मेरे यारों न दिखाओ उसको
वो जहाँ भी हो ख़ुदा उसको सलामत रखना
जो मेरा हाल है वो हाल न लाओ उसको
मीर वो भूले हैं हम नाम न लेंगे लेकिन
ख़ाक मत डालो न ही आग लगाओ उसको
इतना दिलकश भी सुख़नवर नहीं हैं यारों अतुल
दूर से देखिए दिल से न लगाओ उसको
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