बिछड़ कर मुझ सेे तुझ को क्या मिला हैकि जो कुछ था वो भी खोना पड़ा हैगया था जिस जगह पर छोड़ कर तूउसी रस्ते पे दिल अब भी खड़ा है— ATUL SINGH