ki ab talak use meraa khayal hai kamaal hai | कि अब तलक उसे मेरा ख़याल है कमाल है

  - Aditya

कि अब तलक उसे मेरा ख़याल है कमाल है
किए पे उसके उसको अब मलाल है कमाल है

तेरे बदन को छूते ही मेरी नज़र महक उठी
तेरा बदन बदन नहीं गुलाल है कमाल है

बड़ी अजीब बेख़ुदी दिमाग पर सवार है
उसे नहीं पता जो मेरा हाल है कमाल है

कबूतरों ने एक ख़त कहीं से ला मुझे दिया
अरे ये ख़त नहीं तेरा रुमाल है कमाल है

मेरी लिखी ग़ज़ल अगर पढ़ेंगे तेरे यार तो
कहेंगे सब के सब यही कमाल है कमाल है

तुम्हें कि जिस सेे इश्क़ था कहाँ है अब वो कौन है
ज़ुबाँ पे सबके बस यही सवाल है कमाल है

जिन्हें लगा मुहब्बतों में कुछ नहीं है वो सुने
मोहब्बतों में हिज्र है विसाल है कमाल है

  - Aditya

Dosti Shayari

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