teraa mujhse hi jhagda chal raha hai | तेरा मुझ सेे ही झगड़ा चल रहा है

  - Aditya

तेरा मुझ सेे ही झगड़ा चल रहा है
रकीबों से तो रिश्ता चल रहा है

मुझे भी अब नहीं तेरी ज़रूरत
तेरी यादों से खर्चा चल रहा है

तुझे शायद रहा हो नाम भी याद
यहाँ तो तेरा चर्चा चल रहा है

मुझे मैसेज फिर से कर रही हो
तुम्हारे दिल में अब क्या चल रहा है

तेरी उल्फत हो या फिर दाल-रोटी
सभी का भाव मँहगा चल रहा है

फकत इक ज़िन्दगी बाकी बची है
कि जिसका भाव सस्ता चल रहा है

तुम्हारा हिज्र मेरे काम आया
सुखन का काम अच्छा चल रहा है

मुझे तू वक़्त ए हिजरत चूमता पर
बुरी किस्मत, करोना चल रहा है

  - Aditya

Zindagi Shayari

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