sabhi ka ek sa rastaa tumhaara kya hamaara kya | सभी का एक सा रस्ता तुम्हारा क्या हमारा क्या

  - Aditya

सभी का एक सा रस्ता तुम्हारा क्या हमारा क्या
घर आने का है इक सपना तुम्हारा क्या हमारा क्या

गुनाहों को छिपा के हम जो रख लेते हैं पर्दों में
ख़ुदा को सब नज़र आता तुम्हारा क्या हमारा क्या

सभी की ज़िंदगी तय है सभी की मौत भी तय है
सभी का वक़्त आएगा तुम्हारा क्या हमारा क्या

सभी को एक सा पानी सभी को एक सी लहरें
सभी का एक सा दरिया तुम्हारा क्या हमारा क्या

  - Aditya

Raasta Shayari

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