
दुआ हर इक मेरे हक की तुम्हारे नाम हो जाए
ख़ुदा कुछ और हो ना हो मेरा ये काम हो जाए
तुम अपने रंग से मुझ
में भी थोड़े रंग भर दो ना
हमारी ज़िन्दगी भी फिर अवध की शाम हो जाए
— Aditya
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