हम को अब भी ये कहानी याद हैनौ जवानों की जवानी याद हैमैं ने जो पूछा किसी से याद हैवो कहा कु़र्बानी या'नी याद हैआह की आवाज़ सुन कर फ़ौज कीरुक गया था बहता पानी याद हैप्रेम का दिन है मगर मैं ग़म में हूँमुझ को पुलवामा ज़बानी याद है— Mohd Afsar