राह में पलकें बिछाकर टकटकी की जाएगी

आप आएँगे तो घर में रौशनी की जाएगी

ज़िन्दगी भर ज़ख़्मों की बख़िया-गरी की जाएगी
शा'इरी की जा रही है शा'इरी की जाएगी

ज़िन्दगी के साथ भी और ज़िन्दगी के बा'द भी
चाहने वालों की आँखों में नमी की जाएगी

पहले तुम को इश्क़िया बातों से बहलाएगा वो
फिर तुम्हारे साथ में धोखाधड़ी की जाएगी

यूँ तो अच्छे लग रहे हैं आप लेकिन आपसे
इश्क़ तो क्या ही करेंगे दोस्ती की जाएगी

दिल नहीं, बोसा नहीं तो फोन नंबर दीजिए
दिन ढले सँझा तले कुछ बात ही की जाएगी

आइए नज़दीक और आँखों में आँखें डालिए
आज आँखों-आँखों में ही गुदगुदी की जाएगी

पहले उस की मखमली आँखों को चूमा जाएगा
फिर मुसलसल जिस्म से वाबस्तगी की जाएगी

आजकल पेपर हमारे चल रहे हैं इस लिए
इश्क़बाजी की ये बातें फिर कभी की जाएगी

— Akash Rajpoot

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