
वफ़ादारों की वफ़ादारियों से डर गया हूँ
मैं अपने लोगों की मक्कारियों से डर गया हूँ
ज़माने भर में मचे बेतहाशा शोर के बीच
दिल-ए-तन्हा तेरी लाचारियों से डर गया हूँ
— Aqib khan
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