"वफ़ा किस सेे बता तू ने निभाई"
तेरी आँखों का पानी मर गया है
तभी ग़ायब तेरी शर्म-ओ-हया है
ख़फ़ा थी हम से तू हम ने ये माना
तभी तू ने नया ढूँढा ठिकाना
बढ़ाई ग़ैर से भी आशनाई
मगर उस से भी की है बे-वफ़ाई
तुझे देवी के जैसे पूजते थे
तेरी आँखों से दुनिया देखते थे
मगर जाने तुझे क्या हो गया उफ़
मोहब्बत में हमें धोखा दिया उफ़
इमारत प्यार की तू ने बनाई
बता क्यूँ अपने ही हाथों से ढाई
न जाने क्या सभी से चाहती है
तभी तू दिल को ऐसे तोड़ती है
करेंगे ख़ुद-कुशी ये सोचती है
यही जा कर सभी से बोलती है
सभी से की है तू ने बे-वफ़ाई
वफ़ा किस से बता तू ने निभाई
किया जो काम था वो सोच लेती
तू अपने नाम को ही देख लेती
वफ़ा ता-उम्र हम तुझ से निभाते
तेरी हम माँग मोती से सजाते
न तू हम को मगर पहचान पाई
हमारे साथ की बस बे-वफ़ाई















