"मगर फिर याद आता है"

कलाई काट भी सकता हूँ मर भी सकता हूँ
तुम्हारे बा'द क्या जीना ये कह भी सकता हूँ
मगर फिर याद आता है
तुम्हारे पहले कौन था तुम्हारे बा'द कौन है ?

बहुत दिल चाहता है कुछ दिनो ऐसा भी मैं कर लूँ
कभी डूबूँ गिलासों में कही सिगरेट की कस लूँ
मगर फिर याद आता है
तुम्हारे पहले कौन था तुम्हारे बा'द कौन है?

नयन को फोड़ लूँ अपने कहो इमदाद या कर दूँ
ज़बाँ को खींच लूँ अपनी तुम्हारा नाम जो ना लूँ
मगर फिर याद आता है
तुम्हारे पहले कौन था तुम्हारे बा'द कौन है?

दिल का धड़कना रोक लूँ दिल का लगाना छोड़ दूँ
तेरी ख़ुशबू जहाँ ना हो वहाँ पर जाना छोड़ दूँ
मगर फिर याद आता है
तुम्हारे पहले कौन था तुम्हारे बा'द कौन है?

— Aryan Goswami

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