जेब से कल निकाली इक तस्वीर
ख़ुद से जो थी छिपा ली इक तस्वीर
याद आया उन्हें तो कह दूँगा
पर्स से कब चुरा ली इक तस्वीर
आज आँसू जवाब देंगे अब
फाड़ क्यूँ मैं ने डाली इक तस्वीर
सुर्ख़ लाली का था निशाँ उस
में
लब से मैं ने लगा ली इक तस्वीर
है ख़बर अब के ग़ैर का है वो
मैं ने अपनी बना ली इक तस्वीर
— Atul Kumar















