फ़िलहाल मेरे ग़म की दवा कुछ भी नहीं हैसब ठीक नहीं और हुआ कुछ भी नहीं हैतुम भी वही हम भी वही हालात वही हैंहर बात पुरानी है नया कुछ भी नहीं है— Ashraf Ali