सपनों में जानी पहचानी इक लड़की
सपना टूटा अनजानी थी इक लड़की
प्यार समझती थी वो मेरे तबस्सुम को
अब रहती है रूठी रूठी इक लड़की
ठीक किया जो छोड़ दिया मुझ को तुम ने
मैं ने पाई तुम से अच्छी इक लड़की
राज़ बहुत रखता हूँ है सबका कहना
मेरे हर ताले की चाबी इक लड़की
— Ayush Aavart















