सुनोजानाँतुम्हेंहीदेखज़िन्दाहूँ
मगरसचहैतुम्हींपरयारमरताहूँ
कितस्वीरेंतुम्हारीपासहैंअबतक
किदेखूँऔरउनसेेबातकरताहूँ
तुम्हेंदेखामैंनेजोआजमुद्दतबा'द
सुकूँमैंआजमुद्दतबा'दपायाहूँ
मुझेतुमख़ूबप्यारीलगतीहोअबभी
बताओमैंतुम्हेंक्याअच्छालगताहूँ
किसुंदरलगतीहोहँसतेहुएतुमऔर
यहीमैंदेखकरबसमुस्कुरायाहूँ
मिराजीचाहताहैबसतुम्हेंदेखूँ
नहोतुमतोतसव्वुरयारकरताहूँ
तुम्हारेगालपरडिम्पलजोपड़ताहै
कियेसमझोवोमैंहूँऔरहँसताहूँ