
पुराना इश्क़ है मेरा, उसे ही याद करता है
उसे खोने से डरता है, उसे पाने से डरता है
तकब्बुर है मुझे इस बात पर, बेचैन उस का है
उसी से बात करता है, उसी की बात करता है
— Sarthak Bechen
इसी क़लम से और sher
bechaini के शेर।
उसी अंदाज़ की आवाज़ें
एहसास के अनुसार शायरी