जो कोई आया जीवन में अपने
बस मन बहलाया जीवन में अपने
उल्फ़त में डूबी लड़की को पागल
सबने बतलाया जीवन में अपने
रोटी कपड़ा छत दे दी समझो वो
अपना कहलाया जीवन में अपने
आँखों को पढ़ने को ठहरा कोई
आँखों को भाया जीवन में अपने
माँ पापा की छाया में सोया जो
वो जन्नत पाया जीवन में अपने
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