हमीं से कहता है साया हमाराजुदा कब हो गया रस्ता हमाराकभी भी वापसी कर सकते हो तुमखुला हैं दिल का दरवाज़ा हमाराकिसी का हिज्र था आँखों में उस कीहमारे दिल में था दुखड़ा हमाराकभी तो हाल-ए-दिल पूछेगा हम सेहरा होगा कभी पौधा हमारा— Daksh Sharma