इक दिन तो मैं ख़ुद से भी बेहतर हो गया
मतलब कि यारों मैं सुख़न-वर हो गया
उस को तो मैं ने अपने दिल में रक्खा है
लेकिन मैं उस के दिल से बाहर हो गया
बरसों से जो ढ़ाँचा खड़ा था इक यहाँ
बेटी के आने से वो अब घर हो गया
दुनिया बना देगी मुझे इक दिन ख़ुदा
मैं जो अगर ग़लती से पत्थर हो गया
इक दिन कहा उस ने लिखो कुछ मुझ पे तुम
फिर क्या अमित उस दिन से शाइ'र हो गया
— Daqiiq Jabaalii















