ज़िन्दगी तू आज़माना छोड़ दे
मौत से कह दे बहाना छोड़ दे
फूँकने के काम वो आता मकाँ
जब परिन्दा आशियाना छोड़ दे
यार क़िस्मत से भी भागा है कोई
बेसबब आँसू बहाना छोड़ दे
छोड़ दूँ उसकी गली उसका नगर
वो मिरे ख़्वाबों में आना छोड़ दे
यार तू माता-पिता को रब समझ
हर कहीं भी सर झुकाना छोड़ दे
फूल के बदले जहाँ काँटे मिलें
ऐसे तू रिश्ते निभाना छोड़ दे
चाँद पाने के लिए नादाँ 'धरम'
हो सके तो कसमसाना छोड़ दे
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