chaand par ghar kyun ban | चाँद पर घर क्यूँ बनाना बात ये थी

  - "Dharam" Barot

चाँद पर घर क्यूँ बनाना बात ये थी
क्या अमीरी को दिखाना बात ये थी

टेक्नोलॉजी के अपने फ़ायदे हैं
दूसरों को था झुकाना बात ये थी

काम अच्छा था अधूरा रह गया यार
बिछड़ों को कैसे मिलाना बात ये थी

थी कमी पैसों की ये सबने सुना है
काम का था चार आना बात ये थी

मिलने को तो और भी मिल जाने थे पर
ग़म उसे मेरा मनाना बात ये थी

मुश्किलें आई कई पर पार कर ली
रिश्ता सच में था निभाना बात ये थी

  - "Dharam" Barot

Dosti Shayari

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