मेरी इबादत को ख़ता मत मानो यार
ये 'इश्क़ को कमज़ोर सा मत मानो यार
माना के माना है ख़ुदा हमने तुम्हें
पर ख़ुद ही ख़ुद को ही ख़ुदा मत मानो यार
आना किसी के काम पर तस्वीर में
ख़ुद को ख़ुदास भी बड़ा मत मानो यार
सबको मुबारक धर्म है जो कोई भी
इंसाँ को इंसाँ से जुदा मत मानो यार
भाई का हक़ है भाई को कुछ कहने का
इस बात पर इतना बुरा मत मानो यार
उम्मीद का है भार सब पर इस कदर
इसको धरम दिल से सज़ा मत मानो यार
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