ज़िंदगी दुश्वार है आसान क्या है
मौत से जब लड़ लिए तूफ़ान क्या है
देश को जुमले पे जुमला देने वाले
इस चुनाव में नया ऐलान क्या है
हिंदू-मुस्लिम करते रहते हैं ये दिन भर
और इन के पास में सामान क्या है
हम से सच्चे लोग सच बोला करेंगे
हम से लोगों के लिए ज़िंदान क्या है
राब्ता रखने लगा है मुझ से 'मसरूर'
जानता है रब्त का नुक़सान क्या है
— Dileep Kumar















