माँ मुझे जब बुलाती है यारो
आह दिल चीर जाती है यारो
कहते हैं शा'इरी छोड़ दे तू
तब ग़ज़ल और आती है यारो
ज़िंदगी दोस्ती आशिक़ी भी
सिर्फ़ मुश्किल बढ़ाती है यारो
क्या ग़ज़ब रौशनी है ग़ज़ल में
ज़िंदगी ये दिखाती है यारो
ये नई बात दिल पे लगी है
वो हमें अब भुलाती है यारो
— Yash Sharma















