tum ho meri prem kahaanii ka kirdaar | तुम हो मेरी प्रेम कहानी का किरदार

  - Shadab Asghar

तुम हो मेरी प्रेम कहानी का किरदार
मेरी फ़िल्म में शोख़ जवानी का किरदार

तेरी फ़ितरत मुझ सेे मेल नहीं खाती
अलग थलग है आग से पानी का किरदार

दस दस बार पढ़ी है मैंने महाभारत
कोई नहीं है कर्ण सा दानी का किरदार

किरदारों की भीड़ है शामिल इस में पर
मैं हूॅं राजा, तू है रानी का किरदार

ये चमन ए गुल और इस
में सब लोग हैं फूल
तुम हो जैसे रात की रानी का किरदार

तेरे होने से ही मेरा होना है
जैसे बदन में खून-ओ- पानी का किरदार

  - Shadab Asghar

Shaheed Shayari

Our suggestion based on your choice

More by Shadab Asghar

As you were reading Shayari by Shadab Asghar

Similar Writers

our suggestion based on Shadab Asghar

Similar Moods

As you were reading Shaheed Shayari Shayari