"तितली हम सेे पूछ रही है"
तितली हम से पूछ रही है
क्यूँ ये दुनिया सूख रही है
वो हरियाली और ख़ुशहाली
सुंदर बन और बाग़ है
जिन से हम ने कंठ भरे थे
उन फूलों के दाग़ कहाँ हैं
अतीत वो अपना ढूँढ़ रही है
तितली हम से पूछ रही है
— Muhammad Fuzail Khan
तितली हम से पूछ रही है
क्यूँ ये दुनिया सूख रही है
वो हरियाली और ख़ुशहाली
सुंदर बन और बाग़ है
जिन से हम ने कंठ भरे थे
उन फूलों के दाग़ कहाँ हैं
अतीत वो अपना ढूँढ़ रही है
तितली हम से पूछ रही है
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