jahaan chheena gaya qaasa hamaara | जहाँ छीना गया कासा हमारा

  - Gaurav Singh

जहाँ छीना गया कासा हमारा
वहीं पर चल गया सिक्का हमारा

भला अब और क्या माँगे ख़ुदा से
किसी को मिल गया माँगा हमारा

अभी भी याद है पहली मुहब्बत
बहुत मशहूर था किस्सा हमारा

हमारी मुश्किलों पे बात करिए
पलट के देखिए जूता हमारा

हमारे दिन भी अच्छे हो रहे थे
किसी को चुभ गया खिलना हमारा

हमारा वक़्त भी आएगा लोगों
तुम्हारे तीन दिन चौथा हमारा

हमारे बोसे से नाराज़ है तो
हमें लौटा दे तूँ बोसा हमारा

दुआ है अपने बच्चे जब बड़े हों
तुम्हारी हीर हो राँझा हमारा

किसे कैसे कहाँ बदनाम कर दें
इसी में रह गया कुनबा हमारा

  - Gaurav Singh

Dua Shayari

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