रक्खो लगा के दिल से अक़ीदत हुसैन कीहाँ हश्र में मिलेगी शफ़ाअत हुसैन की'नासिर' की इल्तिजा है ख़ुदा बस मिरी तरहनस्लों में मेरी चमके मोहब्बत हुसैन की— Nasir Hayaat