या तो लड़का किसी लड़की से मुहब्बत न करे
जो मुहब्बत करे तो कोई शिकायत न करे
उसे महफ़ूज़ अगर रख़ सके तो है वर्ना
'इश्क़ वो क्या जो मुहब्बत की हिफ़ाज़त न करे
और भी बुत नज़र आएँगे ज़माने में मगर
वो ही सच्चा है जो औरों की इबादत न करे
मुख़्तलिफ़ काम सभी के है जहाँ में लेकिन
कौन सा काम है वो जो कोई औरत न करे
उसकी नज़रों पे हो नेमत कि कोई भी उसपे
कभी भी आँख उठाने की हिमाक़त न करे
ग़ैर-महदूद मुहब्बत करे उस सेे और फिर
दिल ये बर्बाद करे भी तो निहायत न करे
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