एक तिनके का सहारा भी तो हो सकता है

और फिर उस पे गुज़ारा भी तो हो सकता है

ऐन मुमकिन है मुझे छोड़ के जाने वाला
शख़्स वो यार तुम्हारा भी तो हो सकता है

वो जिसे मैं न समझ पा रहा हूँ क्या मालूम
वो तेरी ओर इशारा भी तो हो सकता है

ऐन मुमकिन है कि जिस हाल में था मैं पहले
हाल मेरा वो दुबारा भी तो हो सकता है

वो ख़सारा जो मुहब्बत में हुआ है मुझ को
वो ख़सारा मुझे प्यारा भी तो हो सकता है

क्या ज़रूरी है मेरे साथ रहे वो हर दम
एक वादे पे गुज़ारा भी तो हो सकता है

यूँ न हँस हँस के बता बात सभी को उस की
वो मुझे जान से प्यारा भी तो हो सकता है

कोई दरिया कभी ख़ारा नहीं होता लेकिन
मेरे अश्कों से वो ख़ारा भी तो हो सकता है

एक दरिया को समुंदर में जा के है मिलना
एक दरिया को किनारा भी तो हो सकता है

— Aadi Ratnam

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