teri galiyon se kuchh is tarah guzar jaaunga | तेरी गलियों से कुछ इस तरह गुज़र जाऊँगा

  - Aadi Ratnam

तेरी गलियों से कुछ इस तरह गुज़र जाऊँगा
जो नज़र आऊँ न तुझको तो किधर जाऊँगा


पहले उतरूँगा तेरे चश्म के काशाने में

फिर तेरी नज़रों से यकलख़्त उतर जाऊँगा
तेरी रुख़्सत से भला और तो क्या ही होगा

मैं तो बिखरा था अबस और बिखर जाऊँगा
और तड़पूँगा जलाने से ये भी मुमकिन है

पर मैं लोहा हूँ जो जलने से निखर जाऊँगा
ऐन मुमकिन है कि फिर 'इश्क़ के इस दरिया में

तैर सकता हूँ मैं जो डूब अगर जाऊँगा
नाम बदनाम हो चाहे मिले मुझको शोहरत

काम कुछ ऐसा गज़ल-गोई में कर जाऊँगा
तोड़ दूँगा मैं सभी नफ़रतों की दीवारें

मैं मुहब्बत ही मुहब्बत यहाँ भर जाऊँगा

  - Aadi Ratnam

Aankhein Shayari

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