जहाँ में उसी को नहीं है ख़बरनहीं है जिसे देखने की नज़रमुझे उस ज़गह की ज़रूरत नहींजहाँ पे न हो क़द्र फ़न की अगरनिभाया था किरदार उस ने बहुतनिभा तो न पाया वफ़ा वो मगरकभी तो लगाया करो ऐ अदमवही पे निशाना जहाँ हो नज़र— Aadi Ratnam