कहीं किसी भी बहाने मुझे बुला इक रोज़ऐ चाँद तुझ को क़सम है ज़मीं पे आ इक रोज़मुझे क़बूल है गर ख़ाक भी हो जाऊँ मैंक़रीब आ के मुझे सीने से लगा इक रोज़— Chandan Sharma