ham ko salaam karta hai to jata jata kar | हम को सलाम करता है तो जता जता कर

  - Meem Alif Shaz

हम को सलाम करता है तो जता जता कर
जो रोज़ ख़ूब पीता भी है छुपा छुपा कर

उस की अजीब फ़ितरत है राज़ खोलने की
जो राज़ पूछता है हम को हँसा हँसा कर

उस शख़्स की अना उस को बस डुबा ही देगी
जो ज़हर बोलता है सब को ड़रा ड़रा कर

वो ज़ख़्म तो कभी भरते ही नहीं दवा से
जो ज़ख़्म बस दिए जाते हैं सुना सुना कर

हम तो गए थे अपना दुखड़ा उसे सुना ने
हम को थका दिया उस ने बस बिठा बिठा कर

इस बार ज़िन्दगी हम से रूठ ही न जाए
इस बार मौत ले जाएगी रुला रुला कर

  - Meem Alif Shaz

Ghayal Shayari

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