ये दिल में इश्क़ की है आग जलने दो
बुझाओ मत अभी मुझको पिघलने दो
मेरी आँखें गई हैं थक बरसकर अब
कि दिल का मामला दिल में मचलने दो
दिमाग़ी लोग हैं सरकार में शामिल
दिखेगा सब ज़रा वक़्फ़ा निकलने दो
किसे दें वोट कोई है कहाँ क़ाबिल
गधों की ही सही सरकार चलने दो
दिखे गर अधमरे हम लाश उसको तो
गड़ा मुर्दा भी बोलेगा टहलने दो
यहाँ चेहरे सभी जैसे भरी कालख
बचे कुछ साफ़ उन
में रंग मलने दो
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