जैसे दरिया की हस्ती है पानी से
वीराने की रौनक है वीरानी से
ख़ामोशी में बातें हो तो बेहतर है
ख़ामोशी सब कह देगी आसानी से
आँखों में आँखें डालीं तो डूबोगे
मत देखो मुझ को इतनी हैरानी से
उथला है पानी लेकिन कम मत आँको
दरिया को आँको उस की तुग़्यानी से
गहरे पानी में रक्खा था दिल मैं ने
ढूँढ़ लिया उस ने फिर भी आसानी से
ज़्यादा दानाई से रिश्ते नई बनते
उस ने मेरा दिल जीता नादानी से
पास नहीं जाना था उस के लेकिन लब
दूर नहीं रह पाए उस पेशानी से
— Kanchan















