dard hai to hai miyaan ham muskuraaye ja rahe hain | दर्द है तो है मियाँ हम मुस्कुराए जा रहे हैं

  - Kartik tripathi

दर्द है तो है मियाँ हम मुस्कुराए जा रहे हैं
ज़िंदगी की रीत है ये गीत गाए जा रहे हैं

एक मैं खुलता नहीं आसानी से हर एक के साथ
आप और उस
में भी मुँह पे मुँह बनाए जा रहे हैं

आज उसकी शादी है ये जानते हैं यार मेरे
इसलिए मुझको ये मय पे मय पिलाए जा रहे हैं

मयकशी सर चढ़ गई है दोस्तों अब तो हमारे
लड़खड़ाए जा रहे हैं बड़बड़ाए जा रहे हैं

जानकारी के मुताबिक़ चाँद पे घर अब बनेंगे
ये ख़बर पाकर कबूतर थरथराए जा रहे हैं

बेबसी ये है हमारी हम उसे कुछ कह न पाए
और अब इस आइने पे तमतमाए जा रहे हैं

तुम कहीं दिख जाओ गर तो ये बताएँगे तुम्हें हम
किस-क़दर मिलने को तुम सेे तिलमिलाए जा रहे हैं

जानता हूँ फिर तुम्हीं ने तोड़ना हैं दिल-हमारा
पर तुम्हें पाकर ख़ुशी से गुदगुदाए जा रहे हैं

  - Kartik tripathi

Ilm Shayari

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