थके हुए जो परिंदों पे घात लग जाए
ख़ुदा करे उन्हें मेरी हयात लग जाए
इस इक गुमान में सब कुछ लुटा दिया हम ने
कभी हमारा भी नंबर ये सात लग जाए
तुम्हारे ग़म को मैं अपने नसीब में लिख लूँ
अगर ये लौह-ए-क़लम मेरे हाथ लग जाए
— Khalid Azad
ख़ुदा करे उन्हें मेरी हयात लग जाए
इस इक गुमान में सब कुछ लुटा दिया हम ने
कभी हमारा भी नंबर ये सात लग जाए
तुम्हारे ग़म को मैं अपने नसीब में लिख लूँ
अगर ये लौह-ए-क़लम मेरे हाथ लग जाए
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