तेरी जब सिसकियाँ रुकती नहीं हैं
मेरी फिर हिचकियाँ रुकती नहीं हैं
दिखावा तो मुझे आता नहीं पास
तभी तो लड़कियाँ रुकती नहीं हैं
मेरे दिल के शजर पर गुल नहीं है
कभी फिर तितलियाँ रुकती नहीं हैं
— Manoj Devdutt
मेरी फिर हिचकियाँ रुकती नहीं हैं
दिखावा तो मुझे आता नहीं पास
तभी तो लड़कियाँ रुकती नहीं हैं
मेरे दिल के शजर पर गुल नहीं है
कभी फिर तितलियाँ रुकती नहीं हैं
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