महबूब ही जब ख़ुद ख़ुदा होने लगेये थी वजह फिर हम जुदा होने लगेउस ने समुंदर से हमें रक्खा जुदाफिर हम बिछड़ते नाख़ुदा होने लगे— Manoj Devdutt