मैं कैसे कह दूँ मेरा यार पत्थर का
बना है पूरा ये संसार पत्थर का
मोहब्बत के मआनी उसको क्या मालूम
है जिसके सीने में हथियार पत्थर का
हुआ है 'इश्क़ में दीवाने का ये हाल
पहन रक्खा है मैंने हार पत्थर का
कहा इक दिन ये वालिद ने इशारों में
बहुत होता है बेटे भार पत्थर का
ये जा कर दुश्मनों की ईंट से कह दो
पलट के हम करेंगे वार पत्थर का
नहीं होती है दाख़िल उसके घर ज़िल्लत
जहाँ मज़बूत हो घर द्वार पत्थर का
पा नईं सकता मक़ाम-ए-ख़्वाजा हर कोई
भले से मकबरा हो चार पत्थर का
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