main kaise kah doon meraa yaar patthar ka | मैं कैसे कह दूँ मेरा यार पत्थर का

  - Amaan mirza

मैं कैसे कह दूँ मेरा यार पत्थर का
बना है पूरा ये संसार पत्थर का

मोहब्बत के मआनी उसको क्या मालूम
है जिसके सीने में हथियार पत्थर का

हुआ है 'इश्क़ में दीवाने का ये हाल
पहन रक्खा है मैंने हार पत्थर का

कहा इक दिन ये वालिद ने इशारों में
बहुत होता है बेटे भार पत्थर का

ये जा कर दुश्मनों की ईंट से कह दो
पलट के हम करेंगे वार पत्थर का

नहीं होती है दाख़िल उसके घर ज़िल्लत
जहाँ मज़बूत हो घर द्वार पत्थर का

पा नईं सकता मक़ाम-ए-ख़्वाजा हर कोई
भले से मकबरा हो चार पत्थर का

  - Amaan mirza

Ishaara Shayari

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