
मिला हर ग़म पुराना अब, हमें है भाता जानेमन
उन्हीं ग़म के सहारे दिल, तुम्हें है पाता जानेमन
अगर तुम छोड़ कर हम को, न जाती इस तरह से तो
ज़माना जीतने का दम, कहाँ से आता जानेमन
— Kavi Naman bharat
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