"पहली बारिश"
सावन की पहली बारिश में
बारिश की रिमझिम बूंदों में
लड़की का चेहरा खिल उठना
बारिश केवल उस पर होना
उस की बातों में जादू है
उस के होंठों में जादू है
मेरी नज़रें उस पे छाई
उस की आँखें गहरी खाई
मैं ने उस का चेहरा देखा
उस पे हुस्न का पहरा देखा
मैं ने देखी जन्नत उस
में
मिली कोई जो मन्नत उस
में
मैं उस को देखे जाता था
वो मुझ को देखे जाती थी
हम भी बारिश में भीगे थे
जब वो बारिश में भीगी थी
— Vikas Shah musafir















