अब न वो है न है ख़ुदा मेरा
अब तो जीना नहीं ब-जा मेरा
नब्ज़ ही देख ले तू चारा-गर
हौसला तो बढ़ा ज़रा मेरा
पास तो बैठ दो घड़ी मेरे
हाल तो कुछ मुझे सुना मेरा
ये तो अच्छा हुआ तुम आए हो
टूट ही जाता हौसला मेरा
बस दुआ है कि मौत से पहले
ज़िन्दगी ढूँढ़ ले पता मेरा
— Praveen Sharma SHAJAR















