"टूटा दिल"

टूटते दिल की जब आवाज़ सुनाएँगे तुम्हें
तब मेरे दर्द के अंदाज़ रुलाएँगे तुम्हें

मैं ने बोए हैं कई बीज जो अपनेपन के
बारिशें इश्क़ की पनपाने उन्हें आएँगी
फूल गुलशन में नवेले जो खिलेंगे हिल-मिल
तितलियाँ झूम के बहलाने उन्हें आएँगी
उस बग़ीचे में मेरी यादों के गाएँगे भँवर
शोख़ मासूम नज़ारे भी चिढ़ाएँगे तुम्हें
टूटते दिल की जब आवाज़ सुनाएँगे तुम्हें
तब मेरे दर्द के अंदाज़ रुलाएँगे तुम्हें

फिर अँधेरों में कहीं छुप के जो रोओगे तुम
बीच मँझधार में यूँ छोड़ के जाने के बा'द
अपने मतलब के लिए मुझ को किया था रुसवा
ख़ून-ए-दिल मेरा सर-ए-आम बहाने के बा'द
मैं भले तुम को दुआएँ ही हमेशा दूँगा
इन दु'आओं के भी फ़रमान दुखाएँगे तुम्हें
टूटते दिल की जब आवाज़ सुनाएँगे तुम्हें
तब मेरे दर्द के अंदाज़ रुलाएँगे तुम्हें

मेरी साँसों में अभी तक है तुम्हारी ख़ुश्बू
और गीतों में सरासर हैं तुम्हारे चर्चे
अब तो लोगों की ज़ुबानी भी सुने जा सकते
इश्क़ में हद से गुज़रने के हमारे चर्चे
लोग अब भूल चुके सारे पुराने क़िस्से
इस कहानी में मेरे साथ में लाएँगे तुम्हें
टूटते दिल की जब आवाज़ सुनाएँगे तुम्हें
तब मेरे दर्द के अंदाज़ रुलाएँगे तुम्हें

— Nityanand Vajpayee

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